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चलिए जानते है बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई ?

चलिए जानते है बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई ?


भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है ऐसा माना जाता है की अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है और बेलपत्र अर्पित करता है तो भगवान शिव उसकी हर इच्छा पूरी करते है।
तो चलिए जानते है भगवान शिव को बेल पत्र क्यों चढ़ाया जाता है , चलिए इसके पीछे की कहानी जानते है -- स्कन्द पुराण के अनुसार एक बार माता पार्वती के पसीने की बूंद मन्द्राचल पर्वत पर गिर गई और उससे बेल का पेड़ निकल गया इस तरह माता पार्वती के पसीने से बेल के पेड़ का उद्भव हुआ माना जाता है की इसमें माता पार्वती के सभी रूप बसते हैं।
माता पार्वती पेड़ की जड़ में गिरिजा के स्वरुप में, इसके तनो में माहेश्वरी के स्वरुप में और शाखाओ में दक्षिणायनी के स्वरुप में और पत्तियो में पार्वती के रूप में रहती हैं। फलो में कात्यायनी स्वरुप व फूलो में गौरी स्वरुप निवास कराती है।  इन सभी रूपों के अलावा माँ लक्ष्मी का स्वरुप समस्त वृक्ष में निवास करता है।
बेलपत्र में माता पार्वती का प्रतिबिंब होने के कारण ऐसे भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है भगवान शिव पर बेल पत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते है और भक्तो की मनोकामना पूर्ण होती हैं।

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