DONATE

Showing posts with label religious. Show all posts
Showing posts with label religious. Show all posts

सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से ठीक होते है कई रोग।

   सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से ठीक होते है कई रोग।
सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से ठीक होते है कई रोग।



1 -  छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश         वाइब्रेशन (कम्पन) होता है और
      औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है।
2 -  जिसकी वजह से कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं.. स्ट्रेस और टेन्शन दूर हो जाते है और मैमोरी
      पावर बढती है..।
3 - लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और
     रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है।
4 - रक्त चाप , हृदय रोग, रोग ठीक हो जाते हैं.. और कोलस्ट्रोल नियंत्रण में रहता है .।
5 - ॐ के उच्चारण से विशेष ऊर्जा का संचार होता है मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के
      उच्चारण से घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं।
6 - ॐ के उच्चारण से कंठ में विशेष कंपन होता है जिससे मांसपेशियों को शक्ति मिलती है..।
7 - जिसके कारण थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है, और स्वर दोष दूर हो जाता हैं..।
8 - ॐ के उच्चारण से पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है। एक माह तक दिन में तीन
      बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से -
9 - पाचन तन्त्र ठीक होता है, लीवर, और आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता    
      है और उदर रोग दूर होता हैं..।
10 - ॐ का उच्चारण उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, जिससे फेफड़ों में विशेष कंपन होता है..।
       जिसकी वजह से फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में  अस्थमा,
       राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है।
11 - ॐ के उच्चारण से आयु बढती है।
    
12 - जरूरत है छः मिनट रोज करने की....।
   
🙏 नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करना चाहिए ।
Read More

चलिए जानते है बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई ?

चलिए जानते है बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई ?
चलिए जानते है बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई ?


भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है ऐसा माना जाता है की अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है और बेलपत्र अर्पित करता है तो भगवान शिव उसकी हर इच्छा पूरी करते है।
तो चलिए जानते है भगवान शिव को बेल पत्र क्यों चढ़ाया जाता है , चलिए इसके पीछे की कहानी जानते है -- स्कन्द पुराण के अनुसार एक बार माता पार्वती के पसीने की बूंद मन्द्राचल पर्वत पर गिर गई और उससे बेल का पेड़ निकल गया इस तरह माता पार्वती के पसीने से बेल के पेड़ का उद्भव हुआ माना जाता है की इसमें माता पार्वती के सभी रूप बसते हैं।
माता पार्वती पेड़ की जड़ में गिरिजा के स्वरुप में, इसके तनो में माहेश्वरी के स्वरुप में और शाखाओ में दक्षिणायनी के स्वरुप में और पत्तियो में पार्वती के रूप में रहती हैं। फलो में कात्यायनी स्वरुप व फूलो में गौरी स्वरुप निवास कराती है।  इन सभी रूपों के अलावा माँ लक्ष्मी का स्वरुप समस्त वृक्ष में निवास करता है।
बेलपत्र में माता पार्वती का प्रतिबिंब होने के कारण ऐसे भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है भगवान शिव पर बेल पत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते है और भक्तो की मनोकामना पूर्ण होती हैं।
Read More