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नोनी फल ( Morinda Citrifolia ) में है एड्स, कैंसर, गढ़िया, डायबिटीज, हार्ट, हर बीमारी से बचाने की छमता।

नोनी फल ( Morinda Citrifolia ) में है एड्स, कैंसर, गढ़िया, डायबिटीज, हार्ट, हर बीमारी से बचाने की छमता।  



स्वस्थ रहने के लिए आज हमें कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। आज हमारी जीवनशैली इतनी बदल गई है कि हमारे पास अपनी ही सेहत को देने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है कि वे अपने रोजमर्रा के काम के साथ कुछ आसान से उपायों की मदद से अपनी सेहत का खयाल रख पाएं।

नोनी (मोरिंडा सिट्रोफोलिया) नामक एक फल है जो किसी बीमारी का सीधेतौर पर इलाज तो नहीं करता लेकिन इसे खाने से आप किसी भी बीमारी से बच जरुर सकते हैं। फिर चाहे वो एड्स हो या फिर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी।

नोनी का फल आम लोगों के बीच इतना जाना नहीं जाता है लेकिन वहीं यह आपकी सेहत के लिए बहुत लाभदायक है। इस फल के रूप में ही वैज्ञानिकों को एक ऐसी संजीवनी हाथ लगी है जो सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।

अस्थमा, गठिया, मधुमेह, दिल की बीमारी, नपुंसकता, स्त्रियों की बीमारिया व बांझपन जैसी कई गंभीर बीमारियों के इलाज में यह रामबाण साबित हो रहा है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायता करता है, और डायबिटीज कंट्रोल करने में कारगार है।
उच्च रक्तचाप और माइग्रेन से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक है।
कब्ज, बदहजमी, दस्त आदि से पीड़ित लोगों को नोनी के सेवन से रोगों की मुक्ति मिलती है।

इस फल में दस तरह के विटामिन, खनिज पदार्थ, प्रोटीन, फोलिक एसिड सहित 160 पोषक तत्व हैं। इसके इतने पोषक तत्वों की मौजूदगी के चलते उच्च रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, गठिया, सर्दी जुकाम सहित अनेक बीमारियों में औषधि के रूप में काम आता है। यह फल एक बेहतरीन एंटी ऑक्सिडेंट है, यदि शुरू से इसका सेवन किया जाए तो कैंसर नहीं होगा, सभी रिसर्च फाउंडेशन कैंसर व एड्स पर नोनी के प्रभाव का शोध कर रहे है।

अगर हमारा इम्म्यून सिस्टम अच्छा है तो हमें कोई भी बीमारी नहीं हो सकती क्यों की सभी प्रकार की बीमारी सबसे पहले हमारे इम्मून सिस्टम ( रोग प्रतिरोधक छमता ) पे प्रहार करती है और अगर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता अच्छी है तो बीमारी जल्दी हमारे पास नहीं आती है।

इस फल के सेवन से शरीर की इम्युनिटी अद्भुत तरीके से बढ़ती है कि फिर एड्स ही क्यों न हो यह शरीर को स्वस्थ बनाए रखने व उसकी देखभाल के लिए पूरी ताकत रखता है।

 यह लगभग आलू के आकार का सफेद, पीले अथवा हरे रंग का फल होता है। इस फल को कई नामों से जाना जाता है जैसे हॉग एपल, चीज फल, लेड, दर्द निवारक पेड़ आदि से जाना जाता है। नोनी फल में अनानास की तुलना में 40 गुना ज्यादा एंजाइम पाया जाता है। नोनी में जेरोनाइन मौजूद होता है। जेरोनाइन सूक्ष्म जंतुओं, पौधों, जानवरों और इंसानों की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। और शरीर की सभी कोशिकायों को सही कार्य करने के लिए जेरोनाइन की पर्याप्‍त मात्रा की जरूरत होती है।  जेरोनाइन हमारे शरीर में प्रोटीनों को उनके अलग-अलग कार्य करने में समर्थ बनाता है। जेरोनाइन की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

इसके अलावा नोनी फल एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ट्यूमर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले तत्‍वों से भरपूर होता है। यह पोटेशियम को बहुत अच्छा स्रोत होने के कारण इम्‍यून सिस्‍टम, संचार प्रणाली, पाचन तंत्र, चयापचय प्रक्रिया, टिश्‍यु और कोशिकाओं, बालों और त्‍वचा की मदद करता है। यह एक एंटी-एजिंग भी है जो आपको लंबे समय तक जवां बनाए रखने में मदद करता है। यह सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए लाभदायक होता है। एक वयस्‍क व्‍यक्ति को नोनी जूस 30 एम.एल. एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह-शाम और बच्चे को 2-2 चम्मच सुबह खाली पेट और रात्रि को खाने के 2 घंटे के बाद लेना चाहिए।

भारत के समुद्र तटीय इलाकों में तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, गुजरात, अंडमान निकोबार, मध्यप्रदेश सहित नौ राज्यों में इसकी खेती हो रही है।

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